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नई स्टडी में पता चला कि भारत में लगाया जा सकता है हैजा का पूर्वानुमान

Deeksha Mishra

News Editor
Image Credit: Shortpedia

ब्रिटेन स्थित यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी जलवायु कार्यालय और प्लाइमाउथ समुद्री प्रयोगशाला के अनुसंधानकर्ताओं ने एक स्टडी में बताया कि पृथ्वी का चक्कर लगा रहे उपग्रहों से प्राप्त जलवायु के आंकड़ों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के प्रयोग से भारत के तटीय क्षेत्रों में समुद्र की सतह पर मौजूद नमक की मात्रा से हैजा महामारी फैलने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। हालांकि पूर्वानुमान लगाने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम की सहायता लेनी पड़ेगी।

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