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कोचिंग सेंटर पर हुए तालिबानी हमले में बची शमसीया यूनिवर्सिटी एंट्रेंस में टॉपर

Kapil Chauhan

News Editor
Image Credit: Shortpedia

1990 में तालिबान ने गर्ल्स एजुकेशन पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन अब 18 वर्षीया शमसीया अलीजादा ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। 2018 में तालिबानी आत्मघाती दस्ते ने अफगानिस्तान में जिस कोचिंग सेंटर को तबाह किया था। वहां धमाके में बची शमसीया ने यूनिवर्सिटी एंट्रेंस में टॉप किया है। शमसीया अलीजादा का 2 लाख से अधिक बच्चों से मुकाबला था। उन्होंने सबसे कम उम्र में ये उपलब्धि हासिल की।

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