ब्रेग्जिट के चलते ब्रिटेन में एफटीए होने पर भारत को मिलेगा बड़ा बाजार
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ब्रिटेन में निवेश करने वाला भारत तीसरा बड़ा देश है। यहां 800 से ज्यादा भारतीय कंपनियां हैं, जिनमें 1.10 लाख लोग नौकरी करते हैं। ब्रिटिश मुद्रा पाउंड की कीमत घटने से इनके मुनाफे पर असर होगा। यूरोप ने नए नियम बनाए तो भारतीय कंपनियों को नए करार करने होंगे। इससे खर्च बढ़ेगा और अलग-अलग देशों के नियम-कानूनों से जूझना होगा। ब्रिटेन संग एफटीए होने से भारत को विशाल बाजार मिलेगा।