ग्लोबल वार्मिंग के बाद माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण भी पर्यावरण के लिए बना बड़ी चुनौती
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माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण भी पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बना। ये त्वचा में जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकते हैं, आंख में चिपक कर कार्निया को घायल कर सकते हैं। चेहरे के सौंदर्य उत्पादों में मौजूद माइक्रोबीड्स त्वचा के छोटे-छोटे उभार और आगे के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। हवा में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक सांस के जरिये फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। ये स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं।