1984 सिख दंगों के दौरान आपराधिक मामले दबाने में जुटा था पुलिस-प्रशासन : रिपोर्ट
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1984 सिख दंगों के मामलों की जांच करने वाली SIT की रिपोर्ट में पुलिस, प्रशासन और न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा गया है कि अपराधियों को सजा देने की कोई मंशा नहीं थी। इसलिए उन्हें ‘सामान्य तरीके से’ बरी किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि पुलिस और प्रशासन का ‘सारा प्रयास’ दंगों से संबंधित आपराधिक मामलों को दबाने का था।