देश का वो गांव जहां है विधवाओं का बसेरा, आखिर क्या है इसकी कहानी?
Kapil Chauhan
News Editor
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सहारनपुर और कुशीनगर समेत कई इलाकों में शराब ने जहां कई परिवारों से उनके लाल छीन लिए। वहीं कई की मांग का सिन्दूर उजाड़ कर आधे गांव को श्मशान में बदल दिया। ईशान नदी के तट पर बसे पुसैना गांव में 300 परिवारों में कुल 4008 लोग रहते हैं। इनमें से करीब 150 परिवारों में 25-65 साल की उम्र के बीच की विधवा महिलाएं रहती हैं जिनके पति पिछले 15 साल में जहरीली शराब पीकर मरे। कई परिवारों के एक से ज्यादा पुरुषों की जान इस अभिशाप ने ली है।
