IMPS के जरिए लेनदेन लिमिट रोजाना दो लाख से बढ़कर पांच लाख रुपये हुई
Kapil Chauhan
News Editor
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2022-2023 की दूसरी तिमाही में महंगाई दर 5.1% रह सकती है, तीसरी तिमाही में 4.5% और चौथी तिमाही में 5.8% हो सकती है। 2022-2023 की पहली तिमाही में सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2% रह सकती है। कृषि उत्पादन से ग्रामीण मांग तो त्योहारों में शहरी मांग बढ़ेगी। IMPS के जरिए लेनदेन लिमिट रोजाना दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये हुई। आरबीआई ने ऑफलाइन मोड में खुदरा डिजिटल भुगतान हेतू एक संरचना पेश करने का प्रस्ताव दिया।
