ऑनलाइन क्लब की मदद से पाकिस्तानी इंजीनियर ने 75 साल बाद शिमला में ढूंढ़ा पैतृक घर
Kapil Chauhan
News Editor
Image Credit: Amar Ujala
इंडिया-पाकिस्तान हेरिटेज क्लब नाम से चल रहे ऑनलाइन क्लब की मदद से पाकिस्तानी इंजीनियर सलीम कुरैशी ने 75 साल बाद शिमला में अपना पैतृक घर ढूंढ़ा। ऑनलाइन क्लब में सलीम ने कुछ दिन पहले एक पोस्ट शेयर की थी। पेशे से टेक्सटाइल इंजीनियर रहे सलीम का कहना था कि वह 1933 में शिमला में पैदा हुए थे। उनके पिता सेना में थे। क्लब के सदस्यों ने इसमें उनकी मदद की।
