MSMEs पर दिवालियापन के तहत कार्रवाई न हो लिमिट 1 करोड़ की गई : वित्त मंत्रालय
Kapil Chauhan
News Editor
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निर्मला बोलीं- MSMEs पर दिवालियापन के तहत कार्रवाई न हो, ऐसे में सीमा एक लाख से एक करोड़ की गई। कोरोना से कर्ज में आईं कपंनी डिफॉल्टर नहीं मानी जाएंगी। कंपनीज एक्ट 2013 के प्रावधानों के अनुपालन के लिए बोझ घटाया गया। बोर्ड मीटिंग, ईजीएएम, एजीएम आदि वर्जुअल करने की इजाजत दी गई। कंपनी ऐक्ट में बदलाव हुए। CSR, बोर्ड रिपोर्ट की कमी, फाइलिंग में चूक अपराध सूची से हटी।
